DEDICATED TO MY SWEATHURT क्या क्या रंग दिखाती है जिंदगी क्या खूब इक्तेफ़ाक होता है, प्यार में ऊम्र नही होती पर हर ऊम्र में प्यार होता है. तेरी याद क्यों आती है, ये मालूम नहीं, लेकिन जब भी आती है बहुत अच्छा लगता है. मेरी मोहब्बत #की हद ना तय कर पाओगे तुम, तुम्हें साँसों से भी ज्यादा मोहब्बत #करते है हम. उसके रूठने की अदायें भी, क्या गज़ब की है, बात-बात पर ये कहना, सोंच लो.. फ़िर मैं बात नही करूंगी. क्या क्या रंग दिखाती है जिंदगी क्या खूब इक्तेफ़ाक होता है, प्यार में ऊम्र नही होती पर हर ऊम्र में प्यार होता है.